कास मैं तेरा दीवाना ना होता , तेरी गलियों में मेरा आना जाना होता , आज ख़ुशी से जीता मैं अपने लिए , तेरे लिए रोने का बहाना न होता , ***** सचिन शर्मा ****
यह हिन्दी कविताओं और शायरी का संग्रह है जो मेरे अपने अनुभव से लिखे गये है