ना मातृभुमी से प्यार ना जिन्हें यहां की संस्कृति पे गर्व है ना कोई संस्कार करते जो हर सनातनी त्योहारों पे वार क्योंना माने उन्हें देशद्रोही?
यह हिन्दी कविताओं और शायरी का संग्रह है जो मेरे अपने अनुभव से लिखे गये है
यह हिन्दी कविताओं और शायरी का संग्रह है जो मेरे अपने अनुभव से लिखे गये है