इक पल में इक सदी का मज़ा हम से पूछिए
दो दिन की ज़िंदगी का मज़ा हम से पूछिए
~ख़ुमार बाराबंकवी
जमाना था न ये दिलकश, तेरे दीदार से पहले । दीवाना हो गया था दिल, तेरे इजहार से पहले ।। कभी हाँ की,कभी न की, वो तेरी कशमकश तौबा । हजारों रंग वो आना, तेरे रूखसार पे पहले ।। जो तेरी आंख ...
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