दो दिन की वस्ल ये, उस पर जुदाई का डर
हौले हौले मरने की सज़ा हमसे पूछिए
जमाना था न ये दिलकश, तेरे दीदार से पहले । दीवाना हो गया था दिल, तेरे इजहार से पहले ।। कभी हाँ की,कभी न की, वो तेरी कशमकश तौबा । हजारों रंग वो आना, तेरे रूखसार पे पहले ।। जो तेरी आंख ...
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