Skip to main content

नदिया किनारे एक छोटा सा गांव

नदिया किनारे एक छोटा सा गांव 
चंदा की चांदनी में मैं नंगे पांव

ठंडी रेत पर मस्ती में लेट कर
विरोधी को अपनी आवाजे लगाकर
कुश्ती के अखाड़े में एक नया दांव

नदिया किनारे एक छोटा सा गांव 
चंदा की चांदनी में मैं नंगे पांव

जलधर के ठंडे पानी में नहाना
 पानी पर पत्थर को खूब नचाना
बारिश की बूंदों में कागज की नाव

नदिया किनारे एक छोटा सा गांव 

चंदा की चांदनी में मैं नंगे पांव


कपकपाती ठंडी में नानी की कहानियां
आज है प्रेम के सागर में डूबती जवानियां
कहां है वह अपनों से मिलने का चांव

नदिया किनारे एक छोटा सा गांव 

चंदा की चांदनी में मैं नंगे पांव


Comments

Popular posts from this blog

जमाना था न ये दिलकश, तेरे दीदार से पहले

जमाना था न ये दिलकश, तेरे दीदार से पहले । दीवाना हो गया था दिल, तेरे इजहार से पहले ।। कभी हाँ की,कभी न की, वो तेरी कशमकश तौबा । हजारों रंग वो आना, तेरे रूखसार पे पहले ।। जो तेरी आंख ...