जब भी मेरी कलम कोई आह भरती है, December 18, 2017 जब भी मेरी कलम कोई आह भरती है, पता नहीं ये दुनिया क्यूं वाह-वाह करती है.. Share Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Share Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
जमाना था न ये दिलकश, तेरे दीदार से पहले June 13, 2018 जमाना था न ये दिलकश, तेरे दीदार से पहले । दीवाना हो गया था दिल, तेरे इजहार से पहले ।। कभी हाँ की,कभी न की, वो तेरी कशमकश तौबा । हजारों रंग वो आना, तेरे रूखसार पे पहले ।। जो तेरी आंख ... Read more
इक पल में इक सदी का मज़ा हम से पूछिए June 12, 2018 इक पल में इक सदी का मज़ा हम से पूछिए दो दिन की ज़िंदगी का मज़ा हम से पूछिए ~ख़ुमार बाराबंकवी Read more
हिन्दी शायरी December 17, 2017 क्या अजब दुनिया है ये दुनिया यहाँ लोग मिलते हैं मगर बस काम से 2.मौत से पहले भी एक Read more
Comments
Post a Comment