मेरी सांसों में वफा की खुशबू तो है
सोमनी वाले तेरा पता क्या है
तेरे रहने की जगह तो मेरे दिल में थी
तुम ही ना आए तो मेरी खता क्या है
रूठने वाली मुझसे इतना तो कह
मेरे इस जुर्म की सजा क्या है
मुझ से पाला है उस दर्द को
मुझसे पूछ साथ जीने में उसके मजा क्या है
नाम लिखे जो खत तेरे
पास मेरे शिवा उसके बचा क्या है
तमाम राज जो उनसे कह ना सके
अब तन्हा इस दिल में सोर मचा क्या है
कभी जब मौत की वफाई सुनता हूं
सोचता हूं जीने में रखा गया है
वह सुनती है इस गजल को बार-बार
कोई हमको भी बतलाए इसमें लिखा क्या है
सोमनी वाले तेरा पता क्या है
तेरे रहने की जगह तो मेरे दिल में थी
तुम ही ना आए तो मेरी खता क्या है
रूठने वाली मुझसे इतना तो कह
मेरे इस जुर्म की सजा क्या है
मुझ से पाला है उस दर्द को
मुझसे पूछ साथ जीने में उसके मजा क्या है
नाम लिखे जो खत तेरे
पास मेरे शिवा उसके बचा क्या है
तमाम राज जो उनसे कह ना सके
अब तन्हा इस दिल में सोर मचा क्या है
कभी जब मौत की वफाई सुनता हूं
सोचता हूं जीने में रखा गया है
वह सुनती है इस गजल को बार-बार
कोई हमको भी बतलाए इसमें लिखा क्या है
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